🙏🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻
🙏 12.01.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻
सम्यक्सम्यञ्चो महिषा अहेषत सिन्धोरूर्मावधि वेना अवीविपन्।
मधोर्धाराभिर्जनयन्तो अर्कमित्प्रियामिन्द्रस्य तन्वमवीवृधन्॥ ऋग्वेद ९-७३-२॥🙏🌻
ज्ञान, कर्म, उपासना, द्वारा प्रभु की प्राप्ति की कामना करने वाले मनुष्य वासनाओं को दूर करते हुए इस भवसागर की लहरों से पार उतर जाते हैं। ये मनुष्य प्रभु का यश गान से दूसरे मनुष्य को भी प्रेरित करके भवसागर से पार उतारते हैं।🙏🌻
People who desire to attain God through knowledge, deeds, and worship keep away the lust and cross the waves of the ocean of this material world. These people inspire other people to cross the ocean of the material world by adoration of God.(Rig Ved 9-73-2)
🙏🌻 #vedgsawana🙏🌻

