🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️
🙏 11.01.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️
स्रक्वे द्रप्सस्य धमतः समस्वरन्नृतस्य योना समरन्त नाभयः।
त्रीन्स मूर्ध्नो असुरश्चक्र आरभे सत्यस्य नावः सुकृतमपीपरन्॥ ऋग्वेद ९-७३-१॥🙏🏵️
परमात्मा ने तीन प्रकार अर्थात सत्व्, रजस्, और तमस् को समस्त सृष्टि में प्रकट किया है। एक कण से दूसरे कण को जोड़ा है। सभी प्रणाली और उनकी उप-प्रणालियों को संचालित किया है। सृष्टिकर्ता की लहरों और कणों की धाराएं एक स्वर में गाती हैं। उसने जीवन के सभी रूपों को बनाया है।🙏🏵️
God has manifested three types, i.e., Satva, Rajas, and Tamas, in the entire creation. One particle has been connected to another. All systems and their sub-systems have been generated by Him. The waves and streams of particles of the Creator sing in unison. He has created all forms of life.
(Rig Ved 9-73-1)
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