💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐
🙏 02.03.24 वेद वाणी 🙏
अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐
परि ष्य सुवानो अव्ययं रथे न वर्माव्यत।
इन्दुरभि द्रुणा हितो हियानो धाराभिरक्षाः॥ ऋग्वेद ९-९८-२॥🙏💐
सोम शांति, शक्ति और दिव्यता में वृद्धि करता है। सोम मनुष्य की अविनाशी आत्मा तक पहुंचता है। सोम शरीर रूपी रथ का वह कवच है जिसको शत्रुओं (काम, क्रोध, लोभ, मोह, आदि) के बाण भी नहीं भेद सकते।🙏💐
Soma increases peace, power, and divinity. Soma reaches the immortal soul of a person. Soma is the armour of the chariot of the body, which cannot be penetrated even by the arrows of the enemies (lust, anger, greed, attachment, etc.).(Rig Ved 9-98-2)
🙏💐#vedgsawana 🙏💐

