वेद वाणी 09.02.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 09.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 स्वायुधः पवते देव इन्दुरशस्तिहा वृजनं रक्षमाणः। पिता देवानां जनिता सुदक्षो विष्टम्भो दिवो धरुणः पृथिव्याः॥ ऋग्वेद ९-८७-२॥🙏🌻 हे परमात्मा ! आप सभी के रक्षक हैं। आप समस्त सृष्टि को धारण करते हैं। आप राक्षसों के लिए…

वेद वाणी 08.02.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 08.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ अग्रेगो राजाप्यस्तविष्यते विमानो अह्नां भुवनेष्वर्पितः। हरिर्घृतस्नुः सुदृशीको अर्णवो ज्योतीरथः पवते राय ओक्यः॥ ऋग्वेद ९-८६-४५॥🙏🏵️ परमात्मा सबका स्वामी है। वह दिन-रात का निर्माता है। वह सूर्य, चंद्र आदि का निर्माता है। वह संपूर्ण ब्रह्मांड का निर्माता…

वेद वाणी 07.02.24

🌼🌼 ।।ओ३म्।। 🌼🌼 🙏 07.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌼 अञ्जते व्यञ्जते समञ्जते क्रतुं रिहन्ति मधुनाभ्यञ्जते। सिन्धोरुच्छ्वासे पतयन्तमुक्षणं हिरण्यपावाः पशुमासु गृभ्णते॥ ऋग्वेद ९-८६-४३॥🙏🌼 परमेश्वर के उपासक परमेश्वर का साक्षात्कार अपने अंतःकरण में करते हैं। वे उस आनंद रस को प्राप्त करते हैं जिसके समान कोई…

वेद वाणी 06.02.24

🌸🌸 ।।ओ३म्।। 🌸🌸 🙏 06.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌸 गोवित्पवस्व वसुविद्धिरण्यविद्रेतोधा इन्दो भुवनेष्वर्पितः। त्वं सुवीरो असि सोम विश्ववित्तं त्वा विप्रा उप गिरेम आसते॥ ऋग्वेद ९-८६-३९॥🙏🌸 हे प्रकाश स्वरूप परमात्मा ! आप ज्ञान के प्रदाता हैं। आप पवित्र हैं और आप हमें भी पवित्र करें।…

वेद वाणी 05.02.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 05.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 प्र रेभ एत्यति वारमव्ययं वृषा वनेष्वव चक्रदद्धरिः। सं धीतयो वावशाना अनूषत शिशुं रिहन्ति मतयः पनिप्नतम्॥ ऋग्वेद ९-८६-३१॥🙏🌺 पूर्ण दिव्य ओ३म् एक गर्जन करते हुए इस विनाशी संसार से आगे बढ़ जाता है। जो मनुष्य अपने…

वेद वाणी 04.02.24

🌹🌹 ।।ओ३म्।। 🌹🌹 🙏 04.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌹 मनीषिभिः पवते पूर्व्यः कविर्नृभिर्यतः परि कोशाँ अचिक्रदत्। त्रितस्य नाम जनयन्मधु क्षरदिन्द्रस्य वायोः सख्याय कर्तवे॥ ऋग्वेद ९-८६-२०॥🙏🌹 ईश्वर अनादि है। वह इस जगत का रचयिता है। वह प्रकृति के सभी रूपों को तीन गुणों – सत्,…

वेद वाणी 03.02.24

💐💐 ।।ओ३म्।। 💐💐 🙏 03.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏💐 वृषा मतीनां पवते विचक्षणः सोमो अह्नः प्रतरीतोषसो दिवः। क्राणा सिन्धूनां कलशाँ अवीवशदिन्द्रस्य हार्द्याविशन्मनीषिभिः॥ ऋग्वेद ९-८६-१९॥🙏💐 परमात्मा उन कर्मयोगियों के अंतःकरण को पवित्र करते हैं जो संतों से उपदेश प्राप्त करते हैं और जितेंद्रिय बन जाते…

वेद वाणी 02.02.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 02.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 ज्योतिर्यज्ञस्य पवते मधु प्रियं पिता देवानां जनिता विभूवसुः। दधाति रत्नं स्वधयोरपीच्यं मदिन्तमो मत्सर इन्द्रियो रसः॥ ऋग्वेद ९-८६-१०॥🙏🌻 हे परमात्मा ! आप समस्त ब्रह्मांड की आनंद ज्योति हो। आप प्रबुद्ध और पवित्र मनुष्यों के प्रिय हैं।…

वेद वाणी 01.02.24

🏵️🏵️ ।।ओ३म्।। 🏵️🏵️ 🙏 01.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🏵️ प्र त आश्विनीः पवमान धीजुवो दिव्या असृग्रन्पयसा धरीमणि। प्रान्तर्ऋषय स्थाविरीरसृक्षत ये त्वा मृजन्त्यृषिषाण वेधसः॥ ऋग्वेद ९-८६-४।।🙏🏵️ परमात्मा सभी को पवित्र करते हैं। उनकी ज्ञान रश्मि विद्युत की गति से आत्मा में प्रकट होती है। ज्ञानी…