वेद वाणी 23.02.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 23.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 शिशुं जज्ञानं हर्यतं मृजन्ति शुम्भन्ति वह्निं मरुतो गणेन। कविर्गीर्भिः काव्येना कविः सन्सोमः पवित्रमत्येति रेभन्॥ ऋग्वेद ९-९६-१७॥🙏🌻 विद्वानजन परमात्मा की अंतरात्मा में उपस्थित को ज्ञान द्वारा जानते हैं। उपासक परमात्मा के गुणों का वर्णन उपासना द्वारा…