वेद वाणी 19.02.24

🌺🌺 ।।ओ३म्।। 🌺🌺 🙏 19.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌺 साकमुक्षो मर्जयन्त स्वसारो दश धीरस्य धीतयो धनुत्रीः। हरिः पर्यद्रवज्जाः सूर्यस्य द्रोणं ननक्षे अत्यो न वाजी॥ ऋग्वेद ९-९३-१॥🙏🌺 जब साधक योगी मन के माध्यम से दस इंद्रियांवृति बहनों (पांच ज्ञानेंद्रियां और पांच कर्मेंद्रियां) को नियंत्रित करके…