वेद वाणी 16.02.24

🌻🌻 ।।ओ३म्।। 🌻🌻 🙏 16.02.24 वेद वाणी 🙏 अनुवाद महात्मा ज्ञानेंद्र अवाना जी द्वारा, प्रचारित आर्य जितेंद्र भाटिया द्वारा 🙏🌻 परि सुवानो हरिरंशुः पवित्रे रथो न सर्जि सनये हियानः। आपच्छ्लोकमिन्द्रियं पूयमानः प्रति देवाँ अजुषत प्रयोभिः॥ ऋग्वेद ९-९२-१॥🙏🌻 दिव्य सोम पवित्र ह्रदय वाले मनुष्य के हृदय में उत्पन्न होता है। जिस प्रकार युद्ध में रथ विजय…